Eid is the very holy fastival of the muslims because that selebrate after that 30 roje.

ईद-उल-फितर

ईद-उल-फितर: ईद का त्यौहार:-

ईद-उल-फितर हर साल इस्लामिक कैलेंडर के साथ से रमजान या 30

रोजों के बाद शब्बाल की 1 तारीख को मनाई जाती है |

ईद-उल-फितर ईद ,को मीठी -ईद भी कहते हैं | eid-ul-fitr को ईद-उल-फितर इस लिए कहते हैं |

क्योंकि मुसलमान इस ईद पर फितरा अर्थात जकात देते हैं |

ईद की नमाज से पहले गरीब को दिया जाता है |

जिससे गरीब के बच्चे मायूस ना हो ,क्योंकि इस्लाम के मुताबिक हर व्यक्ति समान है

यदि आप साहिबे हिसाब हो या अमीर हो या गरीब इस्लाम की नजर में एक बराबर है |

eid-ul-fitr रमजान माह के पवित्र माह के बाद शब्बाल की 1 तारीख को मनाई जाती है

ईद उल फितर पर लोग नमाज के बाद एक दूसरे से गले लगते हैं , और खुश होते हैं

इस त्योहार यानी , eid-ul-fitr का खास पकवान शिमईयें होती हैं|

लोग एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं,और खुशी जाहिर करते हैं

ईद-उल-फितर का इतिहास:-

eid-ul-fitr ,इस्लामी पैगंबर मुहम्मद द्वारा उत्पन्न किया गया था।

कुछ परंपराओं के अनुसार, ये त्योहार मक्का से मुहम्मद के प्रवास के बाद मदीना में शुरू किए गए थे।

इस्लामिक पैगंबर के एक प्रसिद्ध साथी अनस ने बयान दिया कि,

जब मुहम्मद मदीना पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि लोग दो विशिष्ट दिन मना रहे हैं,

जिसमें वे मनोरंजन और उत्साह के साथ अपना मनोरंजन ,और एक दूसरे को खुशियां बांट रहे हैं

इस पर, मुहम्मद ने टिप्पणी की कि अल्लाह ने उत्सव के दो दिन तय किए थे: ईद-अल-फितर और ईद-अल-अधा ||

Self-defence kiya hai

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