एक्टर सोनू सूद की बढ़ी मुश्किल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा- 20 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी में शामिल

एक्टर सोनू सूद की बढ़ी मुश्किल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा- 20 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी में शामिल

एक्टर सोनू सूद की बढ़ी मुश्किल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा- 20 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी में शामिल
बढ़ते दिख रहे हैं। इनकम टैक्स विभाग की टीम लगातार चौथे दिन सोनू सूद से जुड़े 28 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सूत्रों ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान विभाग को भारी कर चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं. खबर है कि आयकर विभाग की टीम ने मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली और गुरुग्राम में एक साथ छापेमारी की है. आयकर विभाग के मुताबिक जांच के दौरान टीम को करीब 20 करोड़ की टैक्स चोरी का पता चला है. बता दें कि तलाशी के दौरान आयकर विभाग की टीम ने 1 करोड़ 8 लाख रुपये की नकदी बरामद की है, जबकि 11 लॉकर भी मिले हैं.

सूत्रों ने दावा किया है कि आयकर विभाग को इस छापेमारी में भारी कर चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं. टैक्स में हेराफेरी का संबंध सोनू सूद के पर्सनल फाइनेंस से है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक फिल्मों से मिलने वाली फीस में भी टैक्स की बड़ी चूक देखने को मिली है. इन अनियमितताओं के बाद अब आयकर विभाग सोनू सूद के चैरिटी फाउंडेशन के खातों की भी जांच कर रहा है. आयकर विभाग के मुताबिक, अभिनेता ने फर्जी कंपनियों के जरिए अपनी बेहिसाब आय का मार्ग प्रशस्त किया है। अब तक की जांच में टीम ने 20 फर्जी प्रविष्टियों का पता लगाया है। 21 जुलाई, 2020 से, अभिनेता द्वारा बनाए गए चैरिटी फाउंडेशन ने दान के रूप में लगभग 18.94 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं, जिसमें से लगभग 1.9 करोड़ रुपये विभिन्न राहत कार्यों में खर्च किए गए हैं। जबकि 17 करोड़ रुपये अभी भी पड़े हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सोनू सूद के इस चैरिटी फाउंडेशन में एफसीआरए का उल्लंघन करते हुए 2.1 करोड़ रुपये जमा किए गए थे.

आयकर विभाग के मुताबिक जांच की इस कड़ी में लखनऊ में सोनू सूद के पास एक कारोबारी के इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है. सोनू सूद ने इस समूह के कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भी निवेश किया है, जिसके चलते उन पर कमाई छिपाने का भी आरोप लगा है. जांच में पता चला है कि इस समूह ने फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी भी की है. आयकर विभाग की टीम ने करीब 65 करोड़ रुपये की इस तरह की हेराफेरी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं. इसके साथ ही यह भी पता चला है कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रुप ने करोड़ों रुपये का कैश और डिजिटल ट्रांजैक्शन भी किया है, जो अकाउंट बुक में नहीं दिखाया जाता है. 175 करोड़ इस कंपनी ने जयपुर के फर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप में निवेश दिखाकर चोरी करने की भी कोशिश की है।

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