yoga is tha part of good life

योगा

योग की परिभाषा क्या है ?

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1 योग की परिभाषा क्या है ?
1.2 योगा के चमत्कारी फायदे :-

योगा शरीर को  मोड़ना तोड़ना ही नहीं होता है | इसकी एक अलग परिभाषा भी होती है

जिसे आज हम जानेंगे-आपने गणित में पड़ा होगा योग का मतलब जोड़ना होता है |

योगा भी गणित के फार्मूले की तरह काम करता है जो आपके मन ,आत्मा ,शरीर को एकत्रित करके परमात्मा से जोड़ता है | यदि आप भी अपने मन ,शरीर एवं अध्यात्मिक गतिविधियों पर काबू करना चाहते हो तो आपको प्रतिदिन योगा करना चाहिए |

योगा के चमत्कारी फायदे :-

1. आपकी हिम्मत और आत्म संयम को बढ़ाता है |
2. यह आपके तनाव को कम करता है और आपका दिन सकारात्मक बनाता है |
3. यह आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता बात है |
4. यह शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |
5. जिम करने से शरीर के कुछ ही भाव का विकास होता है जबकि योगा करने से आपके संपूर्ण शरीर का विकास होता है |
6. इससे मांसपेशियों का अच्छा विकास होता है |
7. इससे आपके शरीर की चर्बी (फैट) कम होती है |
8. कमजोर व्यक्ति भी बलवान हो जाते हैं |
9. इसके द्वारा आप मानसिक और शारीरिक तनाव से छुटकारा पा सकते हैं |
10.यह आपको स्वसन संबंधित रोगों से राहत दिलाता है |
11. यह आपके शरीर के रक्ताप को भी मैनेज करता है |

योगा के लिए क्या खाएं और कब खाएं ?

i.) यदि सीधे-सीधे शब्दों में कहा जाए तो आपको योगा करने से पहले खाना खाना ही नहीं चाहिए |

ii.) यदि आप उन व्यक्तियों में से हैं जो बिना खाए योगा नहीं कर सकते तो आपको योगा करने से 3 घंटे पहले दलिया या दही खा लेना चाहिए |

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iii.) कुछ लोग शाम को योगा करना प्रेफर करते हैं तो उनसे मैं यही बोलना चाहूंगा यदि आप शाम को योगा करना चाहते हो तो आपको उससे 2 घंटे पहले कुछ खाया नहीं होना चाहिए |

iv.) यदि आप योग करने से पहले कुछ पीना चाहते हैं तो 30 मिनट पहले किसी फल का जूस या ग्लूकोस का सेवन कर सकते हैं |

v.)इसके बाद आप कुछ भी खा सकते हो जो आपको पसंद हो |

मेडिटेशन क्या है जाने

योगा के प्रकार :-

इसके बहुत सारे प्रकार होते हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं_

>> शीर्षासन

>> भुजंगासन

>> मकरासन

>> हलासन

>> पद्मासन

>> पवनमुक्तासन

>> नौकासन

>> धनुरासन

>> शवासन

>> सिद्धासन

>> पश्चिमोत्तानासन

>> सुप्त वज्रासन

>> मयूरासन

>> ताड़ासन

>> त्रिकोणासन

>> मंडूकासन

>> चक्रासन

>> वक्रासन

>> सर्वांगासन

>> बद्धपद्मासन

>> वीरभद्रासन

>> शलभासन

>> वृक्षासन

>> कटिचक्रासन

>> अर्धचक्रासन

>> गरुड़ासन 

>> उत्कटासन

>> पूर्वोत्तानासन

>> जनू शीर्षासन

>> मार्जरी आसन

>> उष्ट्रासन

>> चक्की चालआसन

>> मत्स्यासन

4 thoughts on “योगा

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