अपनी शक्ति एवं क्षमता को जानकर उस पर गर्व करना Self esteem (आत्मसम्मान) कहलाता है |

Self esteem

Self esteem क्या है ?

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1 Self esteem क्या है ?
1.1 Self-esteem के लक्षण :-

अपनी शक्ति एवं क्षमता को जानकर उस पर गर्व करना Self esteem (आत्मसम्मान) कहलाता है |

यदि आप एक ऐसे वर्ग से आते हैं जहां पर  इंग्लिश बोली नहीं जाती है  तब आप इंग्लिश नहीं बोल पाओगे क्योंकि आपकी   Self esteem  कम है  |

यदि ही पर आप यह कहते हो कि मैं इंग्लिश बोल सकता हूं तब आपकी सेल्फ-स्टीम  अधिक है |

जिन लोगों की  Self esteem कम होती है वह इमोशनली कम स्ट्रांग होते हैं |

जिन लोगों को मैं self-esteem अधिक होती है  वह इमोशनली ज्यादा  स्ट्रांग होते हैं |

Self-esteem के लक्षण :-

Self esteem के निम्नलिखित लक्षण है आइए इनको अच्छे से जाने –

1. Self esteem में  सामाजिक दूरियां (Social Withdraw) :-

जिन लोगों में self-esteem की कमी होने लगती है वह लोग ज्यादातर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने लगते हैं जैसे किसी फंक्शन में नहीं जाना लोगों से ज्यादा इंटरेक्ट नहीं करना आदि |

2. सेल्फ-स्टीम में शत्रुता (Enemy) :-

जिन लोगों में यह कम होने लगता है बे लोगों से ज्यादा लड़ाई झगड़े करने लगते हैं दुश्मनी करने लगते हैं एक दूसरे की बातों पर ध्यान ना देते हैं | जिसके कारण से यह लोग अपने बिजनेस में भी आगे नहीं बढ़ पाते हैं | और इनके रिश्तो में भी दरारें आने लगती है |

3. Self esteem में आलोचना :-

जिन व्यक्तियों में यह कम हो जाता है तब कोई व्यक्ति उनकी निंदा ,आलोचना करता है तो वह व्यक्ति उस पर काम करने के स्थान पर उससे झगड़ा करने लग जाते हैं |

4. सेल्फ-स्टीम में ओपिनियन :-

इसकी कमी के कारण वह व्यक्ति अपने किसी बात को किसी के सामने नहीं रखते हैं क्योंकि उन्हें डर लगता है कि वह व्यक्ति मेरी बात को इंकार ना कर दे |

5. Self esteem में डिसीजन :-

इसकी कमी आ जाने के कारण व्यक्ति अपने छोटे डिसीजन नहीं ले पाते हैं

एक छोटा डीजे डिसीजन लेने में भी काफी गलती कर देते हैं |

6. सेल्फ-स्टीम में कंप्लीमेंट :-

इसकी कमी के कारण कारण व्यक्ति किसी के कंपलीमेंट को भी सकारात्मक रूप में नहीं लेते हैं वह उसे भी नकारात्मक रूप में लेने लगते हैं और उनसे भी झगड़ा कर लेते हैं जिसके कारण उनके रिश्ते में दरार आ जाती हैं  |

7. सेल्फ-स्टीम में रॉन्ग चॉइस :-

जिन व्यक्तियों में सेल्फ स्टीम का अभाव होने लगता है | वह व्यक्ति गलत चॉइस करने लग जाते हैं जैसे सही मित्र ना बनाना सही-सही वस्तुएं ना खरीदना और गलत डायरेक्शन में जाना आदि |

 Self esteem को कैसे बढ़ाएं :-

सेल्फ-स्टीम को बढ़ाने के कई तरीके हैं जिनमें से कुछ इफेक्टिव  तरीके निम्न प्रकार हैं –

Self esteem के लिए अचीवमेंट

आप इसे बढ़ाना चाहते हो तो आपको एक पेपर पर या डायरी में आपको रोजाना अपनी अचीवमेंट लिखनी होंगी करते हो यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके लिए सेल्फ-स्टीम बढ़ेगा |

सेल्फ-स्टीम के लिए रेंडम थिंकिंग 

इसे समझने के लिए आपको पहले इस बात को समझना होगा कि यदि आप से मैथ अच्छा आता है तो आपको केमिस्ट्री को लेकर स्ट्रेस नहीं करना चाहिए क्योंकि आप ऑलरेडी उस सब्जेक्ट में अच्छे हो |यदि कोई आपसे कहे कि आपसे केमिस्ट्री नहीं आती तो आपको इस बात को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए |

सेल्फ-स्टीम के लिए  मेंटॉर का रोल 

यदि आप चाहते हैं कि आप अपना सेल्फ स्टीम बढ़ाएं तो आपको एक  मेंटॉर होना भी जरूरी है

क्योंकि मेंटॉर के द्वारा आप यदि किसी सब्जेक्ट में या किसी भी फील्ड में आप अच्छा करना जानते हैं

तो उसको आप किसी को समझा दें या किसी को पढ़ा देना पढ़ा देने से आपका self-esteem इंप्रूव होगा |

कंप्लीमेंट्री इन पॉजिटिव वे फॉर सेल्फ-स्टीम

जब कोई व्यक्ति हैं आपके लिए कंप्लीमेंट्री कर रहा होता तो आपको उसी उनकी कंप्लीमेंट्री सकारात्मक रूप में लेनी चाहिए सकारात्मक रूप में लेने से आपके संबंध अच्छे हो जाते हैं संबंध अच्छे हो जाने से आपकी सेल्फ-स्टीम बहुत ज्यादा बढ़ जाती है

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20 thoughts on “Self esteem

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